अंधेरे मे सब साफ़ दिखता है।
चांद टिमटिमाता है, तारे चमकते हैं
सूरज हंसता है, बादल रोते हुए गिरते हैं
बदरंग कालीन पर पड़ा काला चादर जगता है नींद सोती है,
अंधेरे में सब साफ़ दिखता है।
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- मिक्की चौधरी
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