शेर-1
तुम्हारी तस्वीर, प्रेम पर लिखे शेर, काग़ज़, ज़ज्बात, समय, स्याही सब अर्थहीन हो गए जब से गुलाब पर काँटों की कटुता और तुम पर बेवफ़ाई के आरोप संगीन हो गए। - मिक्की चौधरी